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आइए भगवान शिव को अपना गुरु बनाया जाय!

3 सूत्रों की सहायता से . . .

1. दया मांगना:
“हे शिव आप मेरे गुरु हैं, मैं आपका शिष्य हूँ, मुझ शिष्य पर दया कर दीजिये” (मन ही मन)।

2. चर्चा करना:
दूसरों को भी यह सन्देश देना कि, “आइये भगवान शिव को ‘अपना’ गुरु बनाया जाय”।

3. नमन करना:
अपने गुरु को प्रणाम निवेदित करने की कोशीश करना। चाहें तो “नमः शिवाय” का प्रयोग कर सकते हैं (मन ही मन: साँस लेते समय नमः, छोड़ते समय शिवाय)

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मूल कारण

  ।।प्रणाम।। आज के परिवेश में तमाम समस्याओं का मूल कारण है, मानवीय चेतना का अधःपतन, जिसकी वजह से लोग स्वार्थी हो गए हैं।मानवीय चेतना के पुनरुत्थान के लिए प्रबल \”गुरूत्व\” की आवश्यकता है, ठीक उसी प्रकार जैसे किसी गहरी खाई में गिर चुके किसी वाहन को निकालने के लिए क्रेन की आवश्यकता होती है,Continue reading “मूल कारण”

शिव ही गुरु क्यों?

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शिव पुराणःशिवपुराण की रूद्र संहिता में उल्लेख मिलता है कि महादेव जी ने कहा,, विधाता, मैं जन्म और मृत्यु की भय से युक्त अशोभन जीवों की सृष्टि नहीं करूंगा ,क्योंकि वे कर्मों के अधीन हो दुख के समुद्र में डूबे रहेंगे। मैं तो दुख के सागर में डूबे हुए उन जीवों का उधार मात्र करूंगा,गूरूContinue reading “शास्त्रों में शिव गुरु”

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